आदर्श भूषण

बचपन पकी नींद में सोता था

१.

मेरे बचपन का घर

बहुत बड़ा नहीं था

लेकिन

बचपन बहुत बड़ा था।


२.

बचपन बेचैन था

जवानी में बदल जाने को

जवानी बेचैन है कि

बचपन बीत गया।


३.

बचपन की जेब बहुत छोटी थी

लेकिन मन बहुत बड़ा था

जवानी की जेब बहुत बड़ी है

और

मन बात-बात पर छोटा हो जाता है।


४.

बचपन भागकर वापस घर चला आता था

जवानी घर ढूँढने के लिए

भागती फिर रही है।


५.

बचपन पकी नींद में सोता था

जवानी नींद पकाने के लिए

रात भर जागती है।


६.

बचपन मुँह चिढ़ाकर भाग सकता था

जवानी मुँह फुलाकर बैठ सकती है

दोनों एक दूसरे का

बस मुँह नहीं ताक सकते।


७.

बचपन डरता था

लेकिन उसने छिपने की जगह ढूँढ रखी थी

जवानी डर नहीं सकती

उसके पास छिपने की जगह नहीं है।


८.

बचपन अठ्ठनियों-चवन्नियों जैसा था

खनखनाता हुआ

जवानी काग़ज़ी नोट जैसी है

मुड़ने, तुड़ने, फटने से सहमी हुई

थरथराती हुई।


९.

बचपन पहाड़े याद करता रहा कि

जवानी के हिसाब-किताब में

गड़बड़ न हो

जवानी को बचपन याद है और

पहाड़े भूल गई।


१०.

बचपन को कहीं जाना नहीं था

पर जवानी देखी और

चला गया।

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