top of page
Home
All Posts
Submission
Hindi
About
मेरी रगों पर उसकी चुभन का क़र्ज़ रक्खा है, अभिजीत की कविताएँ
बिल्ली का ख़्वाब टूटता हुआ देखती हूँ पाती हूँ स्वयं को घूरते हुए दूध के भगोने में गर्मी बहुत है दूध की नींद उड़ चुकी है आज खाने की थाली म
HINDI
Jun 23, 2022
bottom of page