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ब्रम्हांड में एक स्त्री होती है जिसमें पूरा ब्रम्हांड होता है
अपूर्वा श्रीवास्तव की कविताएँ 1) वह स्त्री जो ढूँढ रही है कोई खाद्य पदार्थ सड़क किनारे पड़े कचरे में कर रही है विद्रोह अपनी जलती आँत के...
Oct 14, 2022


मेरी रगों पर उसकी चुभन का क़र्ज़ रक्खा है, अभिजीत की कविताएँ
बिल्ली का ख़्वाब टूटता हुआ देखती हूँ
पाती हूँ स्वयं को घूरते हुए
दूध के भगोने में
गर्मी बहुत है
दूध की नींद उड़ चुकी है
आज खाने की थाली म
Jun 23, 2022
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